न्यूक्लिक अम्ल – Nucleic Acid in Hindi

Nucleic Acid

दोस्तों आज हम न्यूक्लिक अम्ल(Nucleic Acid) के बारे में विस्तार से जानने वाले है। कि न्यूक्लिक अम्ल क्या होते है ? न्यूक्लिक अम्ल की खोज किसने की ? न्यूक्लिक अम्ल के प्रकार कितने है ? डिऑक्सीरिबोन्युक्लिक अम्ल क्या है ? राइबोन्यूक्लिक अम्ल क्या है ? आदि के बारे में विस्तार से जानने वाले है। तो चलिए सबसे पहले जाने कि न्यूक्लिक अम्ल की खोज किसने की ?

न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic Acid)

फ्रेडरिक मीशर (Frederick Meischer) ने 1869 में सर्वप्रथम पस कोशिकाओं (Pus cells) में न्यूक्लिक अम्ल की खोज की थी। क्योंकि यह केन्द्रक में पाये जाते है अतः इन्हें न्यूक्लिन नाम दिया गया। बाद में इनकी अम्लीय प्रवृत्ति का पता लगने पर इन्हें न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic acid) कहा गया।

न्यूक्लिक अम्ल क्या है ?

कार्बन, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, फाॅस्फेट से बने वह वृहद् अणु (Maromolecules) जो अपनी अम्लीय प्रवृत्ति को प्रदर्शित करते है। उन्हें न्यूक्लिक अम्ल कहा जाता है।

या

वे यौगिक जो आनुवांशिक गुणों के स्थानान्तरण/प्रतिकरण एवं प्रोटीन संश्लेषण का कार्य करते है, उन्हें न्यूक्लिक अम्ल कहा जाता है।

न्यूक्लिक अम्ल न्यूक्लिओटाइड्स (Nucleotides) के रेखीय बहुलक (Polymers) होते है अर्थात् न्यूक्लिक अम्ल की इकाई न्यूक्लिओटाइड है। न्यूक्लिओटाइड्स आपस में फाॅस्फोईऐ (Phosphodiester bonds) स्टर बन्धों  द्वारा जुड़े होते हैं।

न्यूक्लिक अम्ल की सरंचना (Structure of Nucleic Acid)

structure of nucleic acid
Structure of Nucleic Acid : DNA & RNA

न्यूक्लिओटाइड में अणुओं की संख्या

तीन प्रकार के अणुओं से मिलकर एक न्यूक्लिओटाइड के अणु का निर्माण होता है। जो निम्न है:

  • एक पंचकार्बनी शर्करा (Pentose sugar)
  • एक नाइट्रोजन क्षारक (Nitrogenouse base)
  • एक फाॅस्फेट समूह (Phosphate group)

पंच कार्बनी शर्करा (Pentose sugar)

पंच कार्बनी शर्करा को पुनः दो भागों में बांटा गया है। जो निम्न है:

  • राइबोज शर्करा
  • डिऑक्सीराइबोज शर्करा

नाइट्राॅजनी क्षारक (Nitrogenouse base)

नाइट्राॅजनी क्षार के दो मुख्य प्रकार निम्न है:

  • प्यूरीन (ऐडेनीन)
  • पिरिमिडीन (सायटोसीन)
structure of nitrogenous base
Structure of Nitrogenous Base

प्यूरीन (Purine) – यह दो वलयों वाले क्षारक हैं तथा दो प्रकार के होते हैं

  • एडिनीन (Adenine)
  • ग्वानीन (Guanine)

पिरिडीन्स (Pyrimidines) – यह एक वलय वाले क्षारक है जो तीन प्रकार के होते है। जो निम्न है:

  • सायटोसीन (Cytosine)
  • थायमीन (Thymine)
  • यूरेसिल (Uracil)

फास्फेट समूह (Phosphate group)

यह दो न्यूक्लिओटाइड्स को बन्ध बनाकर जोड़ते हैं।

न्यूक्लिक अम्ल के प्रकार (Types of Nucleic acids)

न्यूक्लिक अम्ल के दो प्रकार होते है। जो निम्न प्रकार है:

  1. डिऑक्सीरिबोन्यूक्लिक अम्ल (De-oxyribonucleic acid or DNA)
  2. राइबोन्यूक्लि अम्ल (Ribonucleic acid)

डिऑक्सीरिबोन्यूक्लिक अम्ल (De-oxyribonucleic acid or DNA)

इसके न्यूक्लिओटाइड एक पंच कार्बनीय शर्करा डी-ऑक्सीराइबोज, एक नाइट्रोजनी क्षारक (एडिनीन, ग्वानीन, साइटोसीन तथा थाइमीन में से कोई एक) तथा फाॅस्फेट समूह के बने होते है।

राइबोन्यूक्लिक अम्ल (Ribonucleic acid)

इनमें राइबोज शर्करा (Rebose sugar) पायी जाती है। इसका प्रत्येक न्यूक्लिओटाइड एक शर्करा अणु, एक नाइट्रोजनी क्षारक (एडिनीन, ग्वानीन, साइटोसिन तथा यूरेसिल) में से कोई एक तथा फाॅस्फेट समूह से मिलकर बनता है। यह तीन प्रकार के होते है। जो निम्न प्रकार है:

  1. संदेश वाहक आर.एन.ए. (mRNA)
  2. स्थानांतरण आर.एन.ए. (tRNA)
  3. राइबोसोमल आर.एन.ए. (rRNA)

डीऑक्सी राइबोन्यूक्लि अम्ल (De-oxyribonucleic acid, DNA)

डी.एन.ए. न्यूक्लिओटाइड (Nucleotide) अणुओं का रेखीय बहुलक (Polymer) है। यह आनुवांशिक सूचनाओं (Genetic informations) का वाहक (Carrier) है। यह गुणसूत्रों (Chromosoms) का प्रमुख घटक है और इनके द्वारा लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुँचाता है।

यूकैरियोटिक कोशिकाओं में यह केन्द्रक के अतिरिक्त माइटोकान्ड्रिया तथा हरित लवक में भी पाया जाता है। DNA जीवजगत का अनूठा अणु है क्योंकि यह प्रतिकृतिकरण (Replication) कर सकता है।

dna structure
DNA Structure

न्यूक्लिक अम्लों के कार्य

न्यूक्लिक अम्लों के कार्य निम्नलिखित हैं-

  • न्यूक्लिक अम्ल कोशिकाओं के सूचना भण्डार होते हैं।
  • डी.एन.ए. एक आनुवांशिक पदार्थ है तथा लक्षणों को एक पीढ़ी से दूरी पीढ़ी में स्थानांतरित करता है।
  • न्यूक्लिक अम्ल प्रोटीन का संलेषण करते हैं।
  • ये विभिन्न जैविक कार्यों पर नियंत्रण रखते हैं।

महत्वपूर्ण प्रश्न

1. न्यूक्लिक अम्ल की परिभाषा क्या है ?
उत्तर: वे यौगिक जो आनुवांशिक सूचनाओं को परिरक्षित करते हो एवं कोशिकाओं के अंदर प्रोटीन संश्लेषण की प्रक्रिया का अनुलेखित व अनुवादित करते हो न्यूक्लिक अम्ल कहलाते हैं।

2. न्यूक्लिक अम्ल के कितने प्रकार है ?
उत्तर: 1. डिऑक्सीरिबोन्यूक्लिक अम्ल 2. राइबोन्यूक्लिक अम्ल

3. न्यूक्लिक अम्ल की खोज किसने की ?
उत्तर: फ्रेडरिक मीशर (Frederick Meischer) ने (1869 में)

4. न्यूक्लिक अम्ल की इकाई क्या है ?
उत्तर: न्यूक्लिओटाइड

5. न्यूक्लिक अम्ल किसके बहुलक है ?
उत्तर: न्यूक्लिओटाइड

6. न्यूक्लिक अम्ल की बहुलीकरण संरचना किस प्रकार है ?
उत्तर: रेखीय

तो दोस्तों आज हमने न्यूक्लिक अम्ल (Nucleic Acid in Hindi) के बारे में जानकारी प्राप्त की। अगर आपको दी गई जानकारी अच्छी लगी तो काॅमेट में जरूर बताए। और इसी प्रकार की बेहतरीन जानकारी के लिए हमारे साथ बने रहें।

धन्यवाद !

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